• सिंधिया (शिंदे) घाट

सिंधिया (शिंदे) घाट

इस घाट का प्रचीन नाम वीरेश्वरघाट था जिसका उल्लेख गीवार्णपदमंजरी (17वीं शती ई.) में भी मिलता है। घाट पर वीरेश्वर या आत्मवीरेश्वर (शिव) मंदिर (सीके 7/158) भी है जिसका निर्माण वीरेश्वर नाम के व्यक्ति ने 1302 ई0 में कराया था। 1835 ई0 में ग्वालियर के महाराजा दौलतराव सिन्धिया की पत्नी बैजाबाई सिन्धिया ने घाट का पक्का निर्माण कराया,जिसके बाद इसे सिन्धिया घाट कहा जाने लगा। घाट तथा के समीपवर्ती क्षेत्र में 5 प्रमुख मंदिर हैं जिनमें चार शिव को (वीरेश्वर, पर्वतेश्वर एवं वशिष्ठेश्वर), एक विष्णु को (वैकुण्ठ माधव) तथा एक दत्तात्रेय को समर्पित है।

इसके पश्चात् क्रमशः संकठाघाट, गंगामहल घाट,(द्वितीय) भोंसलाघाट, गणेशघाट, रामघाट,जटारघाट, ग्वालियरघाट, बालाजीघाट की श्रृंखला पड़ती है।