• चौकी घाट से चौसठी घाट

चौकी घाट से चौसठी घाट

चौकीघाट का पक्का निर्माण 19वी0 शती ई0 में कुमार स्वामी मठ द्वारा कराया गया था।

नदी के उत्तर में एक विशालकाय वृक्ष के साये तले पड़ता है चौकी घाट। इस वृक्ष के नीचे नाग देवता के पत्थरों में छिपे ढेरों घर हैं। यह तो हुआ श्रद्धा का रूप। दूसरा रूप है किसी अन्य घाट की तरह यहां धोबियों का लगने वाला जमावड़ा, जो यहां कपड़े धोते और सुखाते हैं। यहां कुछ छोटे घाट भी हैं मसलन तिब्बत की पवित्र झील के नाम पर मानसरोवर घाट, नारद घाट, चौसठी घाट जिसकी पत्थरों की सीढ़ियों से सफर तय कर आप पहुंचते हैं 64 योगिनियों के मंदिर में। इस मंदिर में माँ काली और दुर्गा की मूर्तियां हैं। इनसे ही उत्पन्न हुए शेष देवी अवतार भी यहीं देखने को मिलते हैं। घाट के परली तरफ पेशवा अमृत राव की बलुई पत्थर से बनी शानदार हवेली है, जिसका निर्माण 1807 में हुआ था। अब इसका इस्तेमाल धार्मिक क्रिया-कलापों और कभी-कभार कंसर्ट्स के लिए किया जाता है।