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बुंदेलखंड सर्किट

Sravasti

बुंदेलखंड सर्किट

  • बुंदेलखंड का जादू और आकर्षण आज भी कायम है।
  • यहां आने वाले लोगों के लिए बीहड़ महलों और किलों की सैर करना एक अद्भुत अनुभव है।
  • निश्चित रूप से बुंदेलखंड एक गौरवशाली युग का मूक गवाह है। यहां भ्रमण कर आप ऐसे शौर्य और वीरता के किस्से सुनेंगे जो लंबे समय तक आप को याद रहेंगे।

बिठूर

  • यह गंगा के तट पर, कानपुर के बाहरी इलाके में मंदिरों का एक छोटा सा शहर है ।
  • वाल्मीकि आश्रम, ब्रहमवर्त घाट, ध्रुव टीला और नाना साहेब के महल के चारों ओर एक त्वरित यात्रा की जा सकती है।
  • गंगा में सूर्योदय और सूर्यास्त के विहंगम भव्य दृश्य को देखना अलग ही अनुभव रहता है।

चित्रकूट

    • भगवान राम ने अपने वनवास के साल यहां बिताए थे, जिसके कारण से हिंदू पौराणिक कथाओं व रामायण में इस स्थान का महत्त्व है।
    • मंदाकिनी नदी के साथ यह पवित्र शहर उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश तक फैला हुआ है।
    • आगुंतकों को चित्रकूट पहुंच कर असीम मानसिक शांति का अनुभव होता है।
    • हनुमान धारा, कामद गिरि, स्फटिक शिला और राम घाट यहां के दर्शनीय स्थान हैं।

    झांसी

          • झांसी वीरता और साहस के किस्सों के लिए जाना जाता है। यह पौराणिक बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए प्रवेश द्वार है।
          • यह शहर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के नाम के साथ जुड़ा हुआ है, जिन्होंने 22 साल की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा लेते हुए स्वतंत्रता सेनानियों का नेतृत्व किया था।
          • झांसी के किले के साथ ही इस शहर में कई मंदिर और झील भी देखने लायक हैं।

    कालिंजर

          • झांसी से लगभग 280 किमी की दूरी पर बांदा के करीब स्थित इस किले का मध्ययुगीन काल के दौरान सामरिक महत्व था।
          • 700 फीट की ऊंचाई पर स्थित कालिंजर दुर्ग का निर्माण अत्यंत प्रभावशील है।
          • सुरम्य विंध्य पर्वतमाला की सैर लंबे समय के लिए आपके लिए यादगार रहेगी।
          • नीलकंठ मंदिर के विषय में कहा जाता है कि यह उस स्थान पर बना है, जहां पर भगवान शिव ने सागर मंथन से उभरे जहर को पीने के बाद कुछ समय के लिए आराम किया था।

    महोबा

          • यह छोटा सा शहर पहाड़ियों और घाटियों पर स्थित झीलों और मंदिरों के लिए जाना जाता है।
          • अभेद्य पहाड़ी किले और चंदेल राजाओं द्वारा मानव निर्मित झीलें, इंजीनियरिंग का अनूठा नमूना है।
          • बुंदेला योद्धाओं की वीरता के किस्से आल्हा-उदल के गीतों में सुने जा सकते हैं।
          • रहिला में सूर्य मंदिर 9वीं शताब्दी की एक अद्वितीय ग्रेनाइट संरचना है। इसकी मूल वास्तुकला खजुराहो के मंदिरों की तरह है।