• दीवान-ए-खास

दीवान-ए-खास

दीवान-ए-आम से गुजर कर पहुंचते हैं दूसरे प्रांगण में। यह एक विशाल चौकोर मैदान है जहां महल से जुड़े सारे प्रमुख आयोजन होते थे। इसे निजी सभा कक्ष भी कहते थे। यहां पर नक्काशीदार विशालकाय खम्भों से घिरा एक आलीशान कक्ष है जहां बादशाह बैठते थे। इसके ऊपर ही बालकनी स्थित थी।