• दरगाह-ए-शेख सलीम चिश्ती

दरगाह-ए-शेख सलीम चिश्ती

कई लोगों का मानना था कि चिश्ती चमत्कार कर सकते थे। इसलिए मुग़ल सम्राट अकबर पुत्र संतान की प्राप्ति की चाह में रेगिस्तान की गहराई में स्थित चिश्ती के निवास तक पहुँच गए। जल्द ही, चिश्ती के आशीर्वाद से अकबर को तीन पुत्रों की प्राप्ति हुई। चिश्ती के आदर में अकबर ने अपने प्रथम पुत्र का नाम सलीम (जहाँगीर) रखा। शेख सलीम चिश्ती की पुत्री सम्राट जहाँगीर की पालक माँ थी। जहाँगीर अपनी पालक माँ के बहुत करीं था जो कि जहांगीरनामा के जरिये स्पष्ट रूप से पता लगता है। साथ ही, जहाँगीर अपनी पालक माँ के पुत्र कुतुब-उद-दीन खान कोका के भी काफी करीब थे जिसे उसने बाद में बंगाल का राज्यपाल बना दिया था।

चिश्ती के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए अकबर ने चिश्ती की दरगाह के समीप एक महान शहर का निर्माण किया जहाँ बाद में मुग़ल दरबार और दरबारी स्थानांतरित कर दिये गए थे। हालांकि, कुछ सालों के भीतर ही पानी की किल्लत के कारण शहर को छोड़ दिया गया था। परंतु आज भी यह शहर अच्छी हालत में है तथा यह भारत के मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है।